@ टूटे कमोड, खराब दरवाजे और अंधेरे शौचालय ने खड़े किए सुरक्षा व स्वास्थ्य के सवाल
@ जनपद सदस्य कुरुद एवं राष्ट्रीय सचिव भारतीय युवा कांग्रेस लिली श्रीवास ने वीडियो जारी कर तुरंत मरम्मत की मांग


संतोष श्रीवास पत्रकार मो 9098156126
रायपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा), रायपुर के इमरजेंसी विभाग में महिलाओं के लिए बने शौचालयों की बदहाल स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाली महिला मरीजों, उनके परिजनों और अन्य महिलाओं को मूलभूत स्वच्छता सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


मौके पर दिखीं कई गंभीर खामियां
इमरजेंसी विभाग स्थित महिला शौचालय का निरीक्षण करने पर कई गंभीर कमियां सामने आईं। कुछ शौचालयों के दरवाजे ठीक से बंद नहीं हो रहे थे, जिससे महिलाओं की निजता और सुरक्षा प्रभावित हो रही है। एक शौचालय का कमोड पूरी तरह टूटा हुआ मिला, जिस पर बैठकर उपयोग करना संभव नहीं था। वहीं एक अन्य शौचालय में प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण अंदर अंधेरा था, जिससे उपयोग करना असुविधाजनक और असुरक्षित हो गया है।

महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा

यह मामला केवल गंदगी या रखरखाव तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। अस्पताल में पहले से ही गंभीर बीमारी या आपात स्थिति से जूझ रहे मरीजों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी आती हैं। लंबे समय तक अस्पताल में रुकने के दौरान स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय उनकी बुनियादी आवश्यकता है। खराब शौचालय संक्रमण, अस्वच्छता और मानसिक असहजता जैसी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं।


सबसे बड़े अस्पताल से बेहतर व्यवस्था की उम्मीद
डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल प्रदेश के लाखों लोगों के लिए प्रमुख सरकारी उपचार केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। ऐसे अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में यदि महिलाओं के लिए मूलभूत सुविधाएं भी उचित स्थिति में नहीं हैं, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्वच्छ भारत अभियान और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावों के बीच ऐसी स्थिति सुधार की मांग करती है।

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि इमरजेंसी विभाग के महिला शौचालयों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। टूटे कमोड बदले जाएं, सभी दरवाजे ठीक किए जाएं, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा नियमित सफाई और रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय कोई सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला का बुनियादी अधिकार है।
(नोट: यह समाचार इमरजेंसी विभाग स्थित महिला शौचालय की प्रत्यक्ष स्थिति के आधार पर तैयार किया गया है।)
वर्जन

कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ शक्ति अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत मेकाहारा में शौचालय निरीक्षण किया गया। मेकाहारा के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में महिला प्रसाधन की जो व्यवस्था है वह इस्तेमाल करने लायक भी नही है। बदबू इतना ज्यादा है कि दो मिनट खड़ा भी नही हो सकते। दरवाजा तो बंद भी नही हो रहा था और हॉस्पिटल है तो सेनेट्री पेड होना चाहिए वह भी नही है। ना ही साफ़ सफाई थी। इतनी दुर्दशा थी कि अगर स्वस्थ महिला भी जाए तो वह भी बीमार हो जाएगी।
लिली श्रीवास
राष्ट्रीय सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस
जनपद सदस्य, कुरुद


