@ नट समुदाय को मुख्यधारा में लाने का किया जा रहा प्रयास

संतोष श्रीवास पत्रकार मो 9098156126
बिलासपुर/लोरमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं राज्य के उपमुख्यमंत्री अरूण साव जी के संरक्षण एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक जी के मार्गदर्शन तथा राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित प्रधान पाठक प्रान्तीय संयोजक डॉ. सत्यनारायण तिवारी जी के संयोजन में शास. पूर्व माध्य. शाला हरदीबांध में पदस्थ शिक्षक अमित कुमार डड़सेना, दयाराम साहू, युगल किशोर राजपूत, पूनम सिंह राजपूत, कृष्ण कुमार राजपूत, रामनिवास राजपूत, पूर्व सैनिक संतोष साहू विद्यानंद कश्यप, वैभव कुमार धृतलहरे, सुरेश कुमार नट, गनपत कुमार साहू द्वारा मुंगेली जिले में निवासरत नट (डंगचगहा) जाति के लोगों को भिक्षावृत्ति से हटाकर समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रयास के द्वितीय चरण में मुंगेली जिले के विभिन्न गॉंवों में निवासरत नट समुदाय के प्रतिनिधियों की बैठक संपन्न हुई। ग्राम हरदीबांध में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नट समुदाय में पीढ़ियों से चली आ रही भिक्षावृत्ति की प्रथा को समाप्त करना, शिक्षा के प्रति जागरूक करना, स्वावलंबी बनाना और विभिन्न समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान का प्रयास करना रहा।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जाति प्रमाण पत्र संबंधी समस्याओं के समाधान का विशेष प्रयास किया जाएगा। भिक्षावृत्ति बंद किया जाएगा, विद्यालय में बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन कराया जाएगा तथा उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। आत्म-निर्भरता हेतु युवाओं को हस्तशिल्प, स्वरोजगार और सरकारी कौशल विकास योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि वे सम्मानजनक रोजगार पा सकें।

बैठक का संचालन करते हुए शिक्षक अमित के.डी. ने कहा ”ग़रीबी और कुरीतियों की ज़ंजीरों को तोड़ने की ताक़त केवल शिक्षा में है। शिक्षा से आने वाली कई पीढ़ियों की तक़दीर बदलती है।”

इस बैठक में ग्राम घोसर्रा से जितेन्द्र नट, खपरी (कलॉ) से प्रकाश नट, भूरका से विरेन्द्र नट, सेतगंगा से अशोक नट, डोड़ा से कमलेश नट, गोंड़खाम्ही से गोविन्द नट, दीपक कुमार नट तथा हरदीबांध से सुरेश कुमार नट, अमृत लाल नट, रोहित नट, आशीष नट, अशोक नट सहित बच्चे और महिलाएँ उपस्थित रहीं।


