
@ सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने रेलवे से मांगा जवाब
@ कोरबा–रायपुर यात्रियों की परेशानी पर सांसद सख्त, GM-DRM को पत्र और मोबाइल पर चर्चा कर उठाया मुद्दा
कोरबा/ बिलासपुर। कोरबा से रायपुर और रायपुर से कोरबा के बीच चलने वाली यात्री ट्रेनों की रफ्तार पर चांपा–बिलासपुर रेलखंड मानो ब्रेक लगा रहा है। ट्रेनें शुरुआती स्टेशन से निर्धारित समय के आसपास रवाना होने के बावजूद चांपा से बिलासपुर के बीच पहुंचते-पहुंचते घंटों विलंबित हो रही हैं। आखिर इस रेलखंड में ऐसा क्या हो रहा है कि यात्रियों की समय की गणित लगातार बिगड़ रही है? अब यह सवाल रेलवे प्रशासन के सामने भी पहुंच गया है।

कोरबा लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी को गंभीरता से लेते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एवं मंडल रेल प्रबंधक, बिलासपुर को पत्र लिखा है। साथ ही मोबाइल पर चर्चा कर भी समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है।
सांसद ने विशेष रूप से चांपा–बिलासपुर रेलखंड में होने वाली देरी को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी, विद्यार्थी, व्यवसायी, मरीज और आम यात्री सफर करते हैं। ट्रेन के कुछ घंटे विलंबित होने का असर सीधे उनके जरूरी कामों पर पड़ता है।

स्टेशन से समय पर चली, फिर रास्ते में क्यों बढ़ता गया विलंब?
सांसद ने रेलवे प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा है कि कई बार ट्रेन अपने प्रारंभिक स्टेशन से लगभग निर्धारित समय पर रवाना होती है, लेकिन चांपा और बिलासपुर के बीच अनावश्यक रूप से विलंबित हो जाती है। ऐसे में यात्रियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि देरी का वास्तविक कारण क्या है और इस रेलखंड पर यात्री ट्रेनों को बार-बार रोकने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
उन्होंने हसदेव एक्सप्रेस, शिवनाथ एक्सप्रेस, कोरबा–रायपुर/रायपुर–कोरबा मेमू सहित अन्य यात्री ट्रेनों के समयपालन की विशेष समीक्षा करने की मांग की है।

सांसद ने रेलवे के सामने रखे ये सवाल और मांगें
1. चांपा–बिलासपुर रेलखंड में ट्रेनों के विलंब के वास्तविक कारणों की जांच हो।
2. यात्री ट्रेनों को अनावश्यक रूप से रोकने की व्यवस्था पर रोक लगे।
3. कोरबा–रायपुर एवं रायपुर–कोरबा ट्रेनों का समयपालन सुनिश्चित किया जाए।
4. रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन की विशेष मॉनिटरिंग की जाए।
5. लगातार हो रही देरी का कारणवार विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
6. निर्माण, रखरखाव अथवा परिचालन संबंधी कार्यों से ट्रेनें प्रभावित हों तो यात्रियों को पूर्व सूचना दी जाए।
यात्रियों के लिए रेल सेवा ‘जीवनरेखा’
सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि कोरबा क्षेत्र के लिए रेल सेवा महज आवागमन का साधन नहीं, बल्कि लाखों लोगों की दैनिक जरूरत और जीवनरेखा है। ऐसे में यात्री ट्रेनों के समयपालन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। अब निगाह रेलवे प्रशासन पर है कि चांपा–बिलासपुर के बीच बढ़ती लेटलतीफी की असली वजह क्या सामने आती है और यात्रियों को समय पर ट्रेन चलने की राहत कब मिलती है।


