@ कुम्हारी में सिलेंडर फटने से 4 लोग एवं दिल्ली राजहरा में मिट्टी धसकने से 3 लोगों की हो गई है मौत
संतोष श्रीवास पत्रकार मो 9098156126
रायपुर। दो बड़े हादसों से छत्तीसगढ़ हिल गया है। कुम्हारी में सिलेंडर ब्लास्ट होने पर 4 लोगों की एवं दिल्ली राजहरा में मिट्टी धसकने से तीन लोगों की मौत हो गई है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां एक घर में सिलेंडर ब्लास्ट हुआ है। इस घटना में 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। सिलेंडर ब्लास्ट होने की खबर मिलते ही पुलिस और प्रसाशन की टीम मौके पर पहुंच गई है। फ़िलहाल मृतकों के शव को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानें कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा भिलाई के कुम्हारी के वार्ड नंबर चार में हुआ हैं। यहां एक घर के अंदर रखे सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। घटना के समय घर के अंदर घर के 4 सदस्य मौजूद थे और चारों की ब्लास्ट के चपेट में आने से मौत हो गई। मृतकों में 2 महिला, 1 पुरुष, और एक बच्चा शामिल है। (Bhilai Cylinder Blast News) सिलेंडर ब्लास्ट होने की खबर मिलते ही पुलिस और प्रसाशन की टीम मौके पर पहुंच गई है। फ़िलहाल मृतकों के शव को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं पुलिस की टीम मामले की जांच में जुट गई है।
दल्ली राजहरा में बड़ा हादसा: बीएसपी सीवरेज लाइन कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौत
दल्ली राजहरा। नगर के दास पान ठेला चौक के पास बीएसपी की सीवरेज लाइन में पाइप बिछाने के दौरान मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में कार्य कर रहे तीन मजदूर अचानक मिट्टी खिसकने से उसके नीचे दब गए, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में किशुन कुमार, राकेश कुमार एवं एक महिला मजदूर बैशाखिन शामिल हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मजदूर काफी गहराई में उतरकर पाइप लाइन बिछाने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंस गई और मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों एवं प्रशासन की मदद से रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा मानकों के इतने गहरे गड्ढे में उतारा गया था। न तो सुरक्षा बेल्ट, न हेलमेट और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के लिए कोई मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
यह हादसा अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है— क्या कार्य स्थल पर सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था?
क्या संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों ने मजदूरों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया? और आखिर बिना सुरक्षा इंतजाम के मजदूरों को 10 फीट गहरे गड्ढे में काम करने की अनुमति किसने दी? स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग भी उठ रही है।


