बिग ब्रेकिंग : कोरिया में रेत विवाद पर खूनी खेल,  भाजपा नेता समेत तीन को उतारा मौत के घाट

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@ एक दिन पहले हुआ था विवाद

@ वारदात के बाद सोनहत में तनावपूर्ण स्थिति 

@ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात

बैकुण्ठपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां रेत के अवैध कारोबार और घाट पर वर्चस्व को लेकर हुए खूनी संघर्ष में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह ‘लल्ला’ की जिंदा जलाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। कोरिया जिले के सोनहत में रेत कारोबार और इलाके में वर्चस्व की लड़ाई में मंगलवार रात खूनी रूप ले लिया। भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी उसके रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, वीरेंद्र सिंह,  शिक्षक नागेंद्र सिंह सहित चार लोगों को उनकी फॉर्च्यूनर कार में आग लगाकर जला दिया। इस दिल दहला देने वाली वारदात में भारत सिंह, नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह की मौत हो गई जबकि मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह गंभीर रूप से सुला गए।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोरिया जिले की घटना संज्ञान में है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपित भी गिरफ्तार हुए हैं। किसी भी दोषी को बक्सा नहीं जाएगा। सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के आबंध में दीपक कुमार झा पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा ने बताया कि वारदात में शामिल चार आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।

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आरोप है कि रेत माफिया और उनके विरोधियों ने लल्ला सिंह के घर के ठीक सामने खड़ी उनकी फॉर्च्यूनर कार को चारों तरफ से घेर लिया और उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। दिल दहला देने वाली बात यह है कि इस जानलेवा हमले के वक्त लल्ला सिंह खुद कार के भीतर ही बैठे हुए थे, जिसके कारण वे वाहन से बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

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जिस वक्त हमलावरों ने फॉर्च्यूनर कार को आग लगाई, उसमें लल्ला सिंह के भाई समेत तीन अन्य लोग भी सवार थे। वे किसी तरह जलती हुई गाड़ी का दरवाजा खोलकर बाहर निकलने में तो सफल रहे, लेकिन बाहर खड़े हथियारों से लैस आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। हमलावरों ने कार से बाहर निकले विरेंद्र सिंह (28) के गले पर फरसे से बेहद घातक वार किया, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। गंभीर हालत में विरेंद्र को अंबिकापुर के जीवन ज्योति हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। रायपुर में एक निजी कंपनी में कार्यरत विरेंद्र की मौत की पुष्टि सरगुजा रेंज के आईजी ने की है, जिससे इस भयानक हत्याकांड में मरने वालों की कुल संख्या अब तीन  हो गई है।

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जानलेवा हमले में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल, रायपुर किया गया रेफर
इस बर्बर हिंसक वारदात में दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में शामिल मयंक सिंह के चेहरे पर गहरी चोटें आई हैं, जबकि नागेंद्र सिंह के हाथ-चेहरे पर चोट लगने के साथ ही वे आग की लपटों से झुलस भी गए हैं। जिनकी रास्ते में मौत हो गई। वहीं, योगेंद्र सिंह का हाथ टूट गया है और उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद इन  घायलों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए तत्काल रायपुर रेफर कर दिया गया है। यह पूरी खूनी वारदात सोनहत थाना क्षेत्र की है, जिसके बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव और दहशत का माहौल व्याप्त है।

जानिए क्या है इस भीषण कोरिया हत्याकांड की मुख्य वजह?

सोनहत के नौगई गांव में रहने वाले भाजपा नेता लल्ला सिंह के करीबी रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने हाल ही में नौगई रेत घाट का सरकारी ठेका हासिल किया था। इसी घाट से रेत के अवैध उत्खनन और उसकी अंतरराज्यीय तस्करी को लेकर लल्ला सिंह के परिवार का दूसरे स्थानीय भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार के साथ लंबे समय से तीखा विवाद चल रहा था। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी के गुर्गों ने पूरी योजना के तहत भरत सिंह के घर को चारों तरफ से घेर लिया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार के आगे एक बड़ा डंपर वाहन खड़ा कर उसका रास्ता रोक दिया और कार को आग के हवाले कर दिया।

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देर रात घटनास्थल पहुंचे आईजी, मुख्य आरोपियों समेत 4 गिरफ्तार

मामले की संवेदनशीलता और इलाके में बढ़े भारी तनाव को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा भारी पुलिस बल के साथ देर रात ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर फॉरेंसिक टीम को साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। लल्ला सिंह क्षेत्र के एक बेहद प्रभावशाली और लोकप्रिय भाजपा नेता माने जाते थे, जिनकी सोनहत इलाके में मजबूत राजनीतिक पकड़ थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एफआईआर में नामजद 3 अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है। पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

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