
संतोष श्रीवास पत्रकार मो 9098156126
बिलासपुर। लगभग 93 वर्ष बाद बिलासपुर में इस इतनी बारिश हुई कि तबाही मचा दी। इस भारी बारिश से निचले स्तर में रहने वाले लोग दर्द में डूब गए। जो बरसों बरसों तक कराहते रहेंगे। बारिश की तबाही इतना भयंकर था कि लोगों की जरूरत की चीजों जैसे, अनाज, पैसा, कपड़ा और दवाई भी नहीं बचा सके। जमीन सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हो चुके है। अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे, जिसकी चिंता सभी को सताने लगी है।
कुछ सोच पाते इसके पहले ही सब कुछ हुआ तबाह

दिनभर हुई भारी बारिश के कारण रात में करीब 2 बजे तक लोगों के घरों में घुटने तक पानी भरा था, लोगों को लगा कि अब इससे ज्यादा नहीं बढ़ेगा। उनको कुछ समझ आता लोग छाती भर तक पानी से घिर चुके थे। इतना तेजी से पानी का भराव रहा कि घरो में जरूरत की चीजें टीवी, आलमारी, दीवान, गैस चूल्हा भी नहीं बचा पाए। कई लोग आलमारी में तो कई लोग अपने जमीन एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज दीवान में रखे हुए थे, जो पानी भर जाने से पूरी तरह खराब हो चुका है। अब इनकी चिंता और भी बढ़ गई है कि सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज फिर से बनवाना पड़ेगा। सभी दफ्तरों के चक्कर काटना पड़ेगा। अतिरिक्त राशि भी खर्च करने पढ़ेंगे।

प्रशासन से अपील
सरकार से विनम्र अपील है कि तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही उनके संपूर्ण दस्तावेज जो नष्ट हुए है, उनकी भी सूची बनाया जाए। कुछ दिनों बाद जब स्थिति सामान्य हो जाएगी उस समय सभी विभागों का शिविर उनके वार्डो में लगाकर उन्हें उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज बनाने में मदद किया जाए, साथ ही गरीबों के साथ कोई शुल्क भी नहीं लिया जाए।


