तीज, गणेश चतुर्थी और सोमवार का अद्भुत संयोग में आज महिलाएं रखेगी निर्जला व्रत

- Advertisement -

@ रेल, बस में इतनी भीड़ की पैर रखने तक का जगह नहीं

Oplus_16908288

संतोष श्रीवास पत्रकार मो 9098156126
बिलासपुर। हरतालिका तीज 2026 इस बार बेहद खास संयोग लेकर आ रही है। सोमवार को पड़ने वाली तीज पर शिव-पार्वती की पूजा का विशेष महत्व माना जा रहा है। इतना ही नहीं, इसी दिन गणेश चतुर्थी भी मनाई जाएगी। आखिर सोमवार का यह संयोग क्यों खास है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

सनातन धर्म में हरतालिका तीज का पर्व महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह त्योहार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। सुहागिन महिलाएं इस दिन पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा से यह कठिन व्रत करती हैं। साल 2026 में हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर, सोमवार को रखा जाएगा।

Oplus_16908288
Oplus_16908288

तृतीया तिथि कब से कब तक रहेगी

पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजकर 8 मिनट से प्रारंभ होगी। यह तिथि अगले दिन यानी 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी। धार्मिक पर्वों में उदया तिथि को विशेष महत्व दिए जाने के कारण हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं पूरे श्रद्धाभाव से शिव-पार्वती की आराधना करेंगी।

Oplus_16908288
Oplus_16908288

सोमवार को तीज पड़ना बेहद शुभ

साल 2026 की हरतालिका तीज इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि यह पर्व सोमवार के दिन पड़ रहा है। हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। ऐसे में शिव आराधना से जुड़े हरतालिका तीज व्रत का सोमवार को होना श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक संयोग माना जा रहा है। भक्त इस दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करेंगे।

Oplus_16908288

शिव-पार्वती से जुड़ी है हरतालिका तीज

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी इसी तपस्या और अटूट संकल्प से हरतालिका तीज की धार्मिक परंपरा जुड़ी मानी जाती है। यही कारण है कि इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना करती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की कामना करती हैं।

Oplus_16908288

गणेश चतुर्थी का भी रहेगा संयोग

14 सितंबर 2026 को हरतालिका तीज के साथ गणेश चतुर्थी का पर्व भी मनाया जाएगा। यानी इस दिन शिव-पार्वती के साथ भगवान गणेश की पूजा का भी अवसर मिलेगा। धार्मिक परंपरा में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना गया है। ऐसे में एक ही दिन शिव परिवार के प्रमुख देवताओं की आराधना का संयोग इस पर्व की धार्मिक महत्ता को और बढ़ा देता है।

Oplus_16908288
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisements
आपकी राय
मोसम का हाल
स्टॉक मार्केट
क्रिकेट लाइव
यह भी पढ़े
अन्य खबरे
- Advertisement -