@ पार्षद रमेश पटेल ने निगम के अधिकारियों को कराया अवगत
@ सीवरेज युक्त पानी पीने को मजबूर है कालोनीवासी
@ सफाई के नाम पर केवल हो रही फोटोबाजी



संतोष श्रीवास पत्रकार मो. 9098156126
बिलासपुर। वार्ड क्र. 13 दीनदयाल कालोनी मंगला आज भी गंभीर समस्या से जूझ रहा है। दीनदयाल कालोनी पानी, सीवरेज और सुरक्षा के मामले में आज भी दीनहीन और उपेक्षित है। बिलासपुर नगर निगम में शामिल होने के बाद कालोनीवासियों को उम्मीद था कि कहीं अब दीनदयाल कालोनी की स्थिति सुधर जाएगी। सत्ता बदल गई पर अव्यवस्था की तस्वीर अब भी जस की तस बनी हुई है। गर्मी अभी आई नहीं है और यहां के लोग कई दिनों से पीने के पानी के लिए तरस रहे है। पानी सप्लाई के लिए लगाए गए मोटर आए दिन बिगड़ जाते है, उसे नए लगाने के बजाए जुगाड़ लगाकर छोड़ दिया जाता है। जिससे पंप लगातार खराब हो रहा है। सीवरेज लाइन कहीं कहीं पर जाम है तो कहीं खुला ही छोड़ दिया गया है। दीनदयाल कालोनी की स्थिति बद से बदतर होते जा रही है। नगर निगम के अधिकारी और नेताओं को देखने तक की फुर्सत नहीं है।
*एक सप्ताह से मोटर पंप है खराब*
शॉपिंग काम्लेक्स के पास स्थित पानी टंकी का मोटर लगभग 8 दिनों से खराब पड़ा है। अभी तक बनवाया नहीं गया है। शिकायत करने पर छुट्टी के बाद बन जाने का दावा किया जाता है। कई घरों में पानी नहीं आ रहा है। निगम द्वारा पानी टंकी की व्यवस्था नहीं की जाती है।

*सीवरेज युक्त पानी पीने की मजबूरी*
एक पंप खराब होने के कारण पानी सप्लाई ठीक से नहीं हो पा रहा है। वहीं थोड़ी बहुत जो पानी घरों तक पहुंच रहा है उसमें सीवरेज की बदबू आ रही है। लोग ऐसे ही बदबूदार पानी को पीने मजबूर है। बदबूदार पानी से लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। कई लोग बीमार हो रहे है।
*खुले में बह रहा सीवरेज का पानी*
सेक्टर-7 स्थित नया पानी टंकी के सामने सीवरेज को खुला छोड़ दिया गया है। जो आसपास के रहने वालों के मुसीबत बन चुका है। खुले में सीवरेज के पानी को छोड़े जाने के कारण कई तरह की बीमारियां पनप रही है। अधिकारियों की लापरवाही की पराकाष्ठा है कि खुली सीवरेज को टंकी तक ले जाने के लिए लगभग 5 से 10 पाइप की जरूरत है लेकिन जब से गृह निर्माण मंडल द्वारा सीवरेज लाइन बनाया गया था उस समय से लेकर नगर निगम बिलासपुर द्वारा हेडओवर किए जाने के बाद आज पर्यन्त तक इस खुले सीवरेज लाइन को सीवरेज टंकी तक नहीं बनाया जा सका।
*पार्षद ने किया निरीक्षण*


