सैलून चलाने वाले शख्स ने 5 बार के पार्षद एवं पूर्व नपा उपाध्यक्ष को भारी मतों से हराया

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पांच बार की मुस्लिम पार्षद को कट्टर जनसंघी भूपेंद्र श्रीवास ने किया परास्त
नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा के वार्ड 21 में हुआ भारी उलटफेर

जीत का जश्न मनाते कार्यकता

ग्राउंड रिपोर्ट, संतोष श्रीवास पत्रकार मो 9098156126
दल्ली राजहरा। बालोद जिला के नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा के वार्ड 21 शास्त्री नगर इस बार सामान्य सीट रहा। जहां से बीजेपी के उम्मीदवार भूपेंद्र श्रीवास का सीधा मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार रूखसाना बेगम से था। पिछले कई चुनाव में इस वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी के कारण हर बार समीकरण बिगड़ जाता था और कांग्रेस को जीत मिलती थी। इस बार कोई निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में नहीं था जिस कारण इस बार बीजेपी को इसका लाभ मिला और लगभग 345 वोटों के अंतर से बीजेपी के प्रत्याशी और प्रथम बार चुनाव लड़ रहे भूपेंद्र श्रीवास को जीत का सेहरा मिला। पेशे से भूपेंद्र श्रीवास सैलून व्यवसाय करते है और छात्र राजनीति से बीजेपी से जुड़े हुए है। वे बिलासपुर जिला के ग्राम भरनी के रहने वाले कपिल श्रीवास के पुत्र और पूर्व एल्डरमैन जगदीश श्रीवास के भतीजा है। साथ ही बिलासपुर श्रीवास संभाग के कोषाध्यक्ष एवं पत्रकार संतोष श्रीवास के भांजे है।

नागा साधु का आशीर्वाद आया काम

चुनाव से पहले नागा साधुओं से आशीर्वाद लेते भूपेंद्र श्रीवास 

पुरी के जगन्नाथ जी के दर्शन पर उपरांत वापस प्रयागराज जाते समय नागा साधुओं का एक दल भूपेंद्र श्रीवास के घर अचानक आशीर्वाद देने पहुंचा, और विजई होने का आशीर्वाद देकर चले गए। एकाएक चुनाव से पहले नागा साधुओं का भूपेंद्र श्रीवास के घर आना वार्ड भर में चर्चा का विषय रहा।

चाचा के हार का भतीजे ने लिया बदला

खुद पत्रकार  संतोष श्रीवास ने संभाला था मोर्चा

पूर्व चुनाव 2014 में कांग्रेस के रुखसाना बेगम और निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले जगदीश श्रीवास के बीच मामूली अंतर से हार जीत का फैसला हुआ था, जिसमें रुखसाना बेगम को मात्र 50 वोटों से जीत मिली थी और जगदीश श्रीवास जो वार्ड पार्षद भूपेंद्र श्रीवास के चाचा है, उनको मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी तीसरे स्थान पर रही थी। इस बार भूपेंद्र श्रीवास ने भारी मतों से हराकर रुखसाना बेगम को चुनाव में अपने चाचा के हार का बदला ले लिया, जिसकी चर्चा वार्ड में होती रही।

महिला एवं व्यापारियों का मिला भरपूर समर्थन
इस वार्ड में मुस्लिम, मराठी, साहू, तेलगु, मानिकपुरी श्रीवास/ सेन, बिहारी, क्रिश्चन, ओड़िया सहित अनेक जातियों का जातीय समीकरण है। इसी के साथ कई क्षेत्र बाजार के आते है, जहां पर व्यापारियों का दुकान और मकान भी है। शुरू से ही व्यापारी इस बार बीजेपी के पक्ष में अपना समर्थन जता रहे है। साथ महिलाओं ने वार्ड में भूपेंद्र के जीत के लिए मोर्चा खोल रखा था। जिसका लाभ बीजेपी को मिला। मुस्लिम वोटों की बाहुल्य क्षेत्र में कमल खिलाने की चुनौती को इस बार भूपेंद्र ने सहर्ष स्वीकार कर एक इतिहास रच दिया है।

लगातार पार्टी के लिए किया हैं काम
मूलतः गरीब परिवार से बिलांग करने वाले भूपेंद्र श्रीवास अपने व्यवहार और मिलनसारिता के लिए जाने जाते है। बस स्टैंड में सैलून व्यवसाय करते हुए राजनीति में पढ़ाई के समय से ही सक्रिय है। भाजयुमो नगर मंत्री, भाजयुमो प्रदेश आमंत्रित सदस्य, अभाविप वार्ड अध्यक्ष, संजरी बालोद विधानसभा का सह प्रभारी सहित वर्तमान में भाजयुमो का प्रदेश कार्यकारिणी का दायित्व निभा रहे है।

वार्ड के विकास के लिए पार्षद का नजरिया:
*1. बुनियादी सुविधाओं का सुधार:
*2. सुरक्षा और कानून व्यवस्था:
*3. पर्यावरण और हरित क्षेत्र:
*4. सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण:
*5. पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ वार्ड 21 में एक स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध वातावरण का निर्माण करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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भारी समस्याओं से घिरा हुआ है वार्ड 21 शास्त्री नगर 
इस वार्ड में 5 पंचवर्षीय कांग्रेस की रूखसाना बेगम ने जीत दर्ज करते हुए इतिहास बनाया था, जब दिल्ली राज हरा में अध्यक्ष काशी राम निषाद थे, उस समय रूखसाना बेगम उपाध्यक्ष थी। इसके बाद भी यह वार्ड उपेक्षित रहा। मूलभूत समस्या जैसे गणेश चौक में पानी की समस्या, पीएम आवास नहीं आया, सफाई की समस्या यहां विद्यमान रहा। जिसका फायदा नया युवा चेहरा को मिला। इस वार्ड में खासियत यह है कि वार्ड में लड़ाई झगड़ा नहीं होता है।

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